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रोजाना अलग तिलक लगाने से होते हैं बहुत से लाभ

रोजाना अलग तिलक लगाने से होते हैं बहुत से लाभ, जानें चमत्कार
ज्योतिषाचार्य मानते हैं की सप्ताह वार के अनुसार तिलक लगाने से ग्रहों को अपने अनुकुल बनाया जा सकता है और उन से श्रेष्ठ एवं शुभ फलों की प्राप्ति की जा सकती है। हिंदू धर्म में शैव, शाक्त, वैष्णव और अन्य संप्रदायों से संबंधित लोग अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार तिलक धारण करते हैं। विभिन्न तरह के तिलक होते हैं जैसे – मृतिका, भस्म, चंदन, रोली, सिंदूर, गोपी आदि।
इन सभी में से चंदन तिलक को धारण करने का विशेष महत्व है। चंदन का तिलक शीतल होता है उसे धारण करने से पापों का नाश होता है। ज्ञानतंतु संयमित व सक्रिय रहते हैं। जीवन पथ पर आने वाली समस्याओं से निजात मिलता है एवं व्यक्ति लक्ष्मीवान बनता है।
चन्दन की जातियां: हरि चंदन, गोपी चंदन, सफेद चंदन, लाल चंदन।
सोमवार : सोमवार का दिन भोलेनाथ और चंद्र ग्रह को समर्पित है। मन मस्तिष्क पर चंद्रमा का अधिपत्य माना जाता है। अत: मन को शांत रखने के लिए सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
मंगलवार : मंगलवार का दिन हनुमान जी और मंगल ग्रह को समर्पित है। इस दिन चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर तिलक धारण करने से ऊर्जा और कार्यक्षमता में बढ़ौतरी होती है।
बुधवार : बुधवार का दिन मां दुर्गा, गणेश जी और बुध ग्रह को समर्पित है। इस दिन सूखे सिंदूर गोरोचन का तिलक धारण करना चाहिए। इससे बौद्धिक एवं आत्मिक विकास होता है।
गुरुवार : गुरुवार का दिन बृहस्पतिवार और श्री हरि को समर्पित है। इस दिन केसर चंदन, हरि चंदन अथवा हल्दी तिलक को मस्तक पर लगाएं। ऐसा करने से मन में शुद्ध एवं पवित्र विचारों का समावेश होता है। धन से संबंधित सभी समस्याओं का समाधान होता है।
शुक्रवार : शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित है। इस दिन अबीर और गुलाल लगाने से बेचैनी एवं परेशानीयों से निजात मिलता है।
शनिवार : शनिवार का दिन भैरव, शनि और यमराज को समर्पित है। इस दिन विभूत, भस्म अथवा काजल का तिलक लगाएं। इससे इस वार से संबंधित सभी देवताओं की प्रसन्नता और आशीर्वाद प्राप्त होता है।
रविवार : रविवार का दिन ग्रहों के राजा सूर्य और नारायण को समर्पित है। इस दिन लाल चंदन अथवा रौली का तिलक धारण करें। मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा में बढ़ौतरी होती है।

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