Home / स्वास्थय / जानिये कैसे बचे कुपोषण का शिकार होने से

जानिये कैसे बचे कुपोषण का शिकार होने से

कुपोषण एक गंभीर स्थिति है, और यह तब होता है जब किसी व्यक्ति के आहार में पोषक तत्वों की कमी या सही मात्रा नहीं होती है। कुपोषण का मतलब खराब पोषण है और इसके निम्नलिखित प्रकार का उल्लेख नीचे दिया गया है।

अंडर नुट्रिशन – जब आपको पर्याप्त पोषक तत्व प्राप्त नहीं होता है।

ओवर न्यूट्रिशन – जब आपके शरीर में पोषक तत्व की मात्रा कम होती है।

कुपोषण के कारण

  • कुछ कुपोषण स्थितियों में भूख की कमी होती है, जैसे कि कैंसर, लिवर प्रॉब्लम।
  • मानसिक स्वास्थ्य स्थिति, जैसे कि अवसाद या सिज़ोफ्रेनिया।
  • एक स्वास्थ्य स्थिति जिसके लिए अक्सर अस्पताल एडमिशन की आवश्यकता होती है।
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस।
  • डिस्फागिया – एक ऐसी स्थिति है जिसमें खाना निगलने में मुश्किल या दर्दनाक महसूस होता है।
  • लगातार उल्टी या दस्त
  • पोषण या खाना पकाने के बारे में कम ज्ञान होना
  • शराब या ड्रग्स अडिक्शन
  • कम आय या गरीबी

कुपोषण से बचने के लिए 8 आहार

डायटीशियन या अन्य हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की देखरेख में घर, या अस्पताल में कुपोषण का इलाज किया जा सकता है। कुछ मामलों में हॉस्पिटल एडमिट होने की आवश्यक होती है। कुपोषण का इलाज करने के लिए निम्नलिखित आहारों की आवश्यकता होती है।

कुपोषण को रोकता है कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट आपके शरीर का ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। ये आपके ब्रेन, किडनी, हार्ट, मसल्स और सेंट्रल नर्वस सिस्टम को एनर्जी देने में मदद करते हैं। अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट डाइट शरीर को पर्याप्त कैलोरी प्रदान करती है। आपका शरीर अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट को आपकी मांसपेशियों और लिवर में स्टोर कर सकता है और इस तरह कुपोषण को रोकता है।

प्रोटीन

पुरानी कुपोषण वाले बच्चों को उचित वजन हासिल करने के लिए कैलोरी की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट्स शामिल होना चाहिए।

फैट्स

आवश्यक फैट्स ऊर्जा और आवश्यक फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं जो कि कुपोषण सहित कई अन्य रोगों को रोकने के लिए उपयोगी हैं। खाद्य उत्पादों जैसे, मक्खन, खाने का तेल तेल, दूध क्रीम और नट्स में फैट्स का उपयुक्त मात्रा में पाए जाते हैं। खाद्य पदार्थों में कम मात्रा में फैट्स होना, कुपोषण का कारण बनता है, इसलिए आहार में पर्याप्त मात्रा में फैट्स, स्वस्थ शरीर और अच्छा इम्यून सिस्टम देते है।

फल और सब्जियों से कुपोषण छुटकारा

फल और सब्जियां मिनरल्स और विटामिन के प्राकृतिक स्रोत हैं। अधिक सीजनल फल और सब्जियां आहार में लेने से आपको आवश्यक पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा लेने में सहायता मिलती है जिससे कि कुपोषण से बचा जा सके।

सीफूड और मांस

सीफूड मछली, सैल्मन, ओएस्टर और लाल मांस, चिकन, अंडे, प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और एसेंशियल फैट्स के समृद्ध स्रोत हैं जो कुपोषण को रोकते हैं।

विटामिन और मिनरल्स

आपके शरीर को कुछ मिनरल्स, जैसे कि आयरन, कैल्शियम, जिंक, मैग्निस और विटामिन्स जैसे विटामिन ए, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, सी, डी ,क, की बड़ी मात्रा शरीर में एक बेहतर स्वस्थ और इम्यून सिस्टम विकसित करने के लिए होती है। इलेक्ट्रोलाइट्स, मिनरल्स और विटामिन सहित माइक्रोन्यूट्रिएंट्स तत्व कुपोषण् को रोकने के लिए एक अच्छा स्रोत हैं।

 पानी

जल विभिन्न हेल्थ-मिनरल्स का महत्वपूर्ण स्रोत है और डॉक्टर्स भी एक अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रतिदिन 3-4 लीटर पानी की रेकमेंडेशन करते हैं। चाय, कॉफी, जूस, दूध और सरल पानी सहित विभिन्न रूपों में तरल पदार्थ लिए जा सकते हैं।

कुपोषण को दूर करने के लिए बैलेंस्ड डाइट जरूरी

एक बैलेंस डाइट वह होता है जो अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। एक बैलेंस डाइट शरीर को आवश्यक पोषण, फ्लुइड्स, प्रोटीन से अमीनो एसिड, आवश्यक फैटी एसिड, विटामिन, मिनरल्स, और पर्याप्त कैलोरी प्रदान करती है। एक बैलेंस डाइट ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करती है और शरीर को पोषण प्रदान करती है। इस प्रकार बैलेंस डाइट के बुनियादी प्रिंसिपल्स से कुपोषण और विभिन्न संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से बचना आसान है।

loading...

Check Also

अगर आप भी डायबिटीज से है परेशान तो जानिये क्या खाये और क्या नहीं

आज के समय में डायबिटीज होना कोई बड़ी बात है नहीं रिसर्च के मुताबिक 100 …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *