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जानिये नींद पूरी नहीं होने से होती ये बीमारियां

नींद मानव शरीर और जीवन शैली का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। नींद की कमी आपको क्रोधी और बेचैन बनाती है। नींद की कमी आपके शादीशुदा जीवन, स्मृति, स्वास्थ्य, देखने और वजन कम करने की क्षमता पर भी बुरा प्रभाव डालती है। अध्ययन के मुताबिक स्वस्थ शरीर के लिए कम से कम 7 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है, जिसमें 3-4 घंटे की गहरी नींद भी ज़रूरी है।
कुछ अनुमानों के मुताबिक 90 फीसदी लोग, एक अच्छी नींद न मिल पाने की समस्या से ग्रस्त है। आइये जानते हैं नींद पूरी होने से कौन-कौन सी बीमारियों से आप बच सकते हैं।

नींद पूरी होने से नहीं होती ये बीमारियां

नींद की कमी से डायबिटीज होने का खतरा

नींद की कमी से डायबिटीज होने का खतरा रहता है। एक अच्छी नींद शांत मन से संबंधित है और अच्छे हार्मोन का उत्पादन करती है जो मधुमेह और अन्य हृदय की समस्याओं को नियंत्रित करता है। अच्छी नींद के साथ पैंक्रियास ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन पैदा करती है। इसके अतिरिक्त व्यायाम भी इस हॉर्मोन को नियंत्रित रखता है।

इम्यून सिस्टम को कमजोर करे नींद

जब आप सोते हैं, तो आपकी इम्यून सिस्टम से लड़ने वाली साइटोकिन्स बनाती है। साइटोकिन्स आपकी नींद में मदद करते हैं और बीमारी से बचाव के लिए इम्यून सिस्टम को अधिक ऊर्जा प्रदान करते हैं। नींद में अभाव आपके प्रतिरक्षा तंत्र की ताकत कम करता है और मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों के जोखिम को बढ़ाता है।

नींद की कमी से मोटापा

2004 के एक अध्ययन के मुताबिक, जो लोग दिन में छह घंटे से भी कम समय सोते हैं वे पर्याप्त नींद वाले लोगों की तुलना में अधिक मोटे होते हैं। इसलिए पूरी नींद लीजिए और अपने वजन को कम कीजिए।

मानसिक स्वास्थ्य को कमजोर करे नींद

नींद याद रखने और सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नींद का अभाव कई तरह से इन प्रक्रियाओं को नष्ट कर देता है। नींद की कमी ध्यान, सतर्कता, एकाग्रता, तर्क और समस्या को हल न कर पाने का कारण बनता है। इससे कुशलतापूर्वक सीखना और अध्ययन करना कठिन होता है

पति-पत्नी के संबंध को खराब करे नींद की कमी

नींद विशेषज्ञ कहते है कि नींद से वंचित पुरुष और महिलाएं शारीरिक संबंध में कम रुचि रखते हैं। थकावट, अनिद्रा और बढ़ते तनाव काफी हद तक इसके लिए दोषी है। 2002 में क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी और मेटाबोलिज्म के जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि स्लीप एपनिया वाले कई पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है। इसलिए इन सब समस्याओं से बचने के लिए पर्याप्त नींद जरुरी है।

नींद की कमी से दिल की बीमारी

एक स्वस्थ नींद शरीर के सभी भागों को उचित कार्य करने में सक्षम रखती है, परन्तु नींद की कमी आपको कई जोखिमों में डाल सकती है जैसे:

  • दिल की बीमारी
  • दिल का दौरा
  • ह्रदय का रुक जाना
  • अनियमित दिल की धड़कन
  • उच्च रक्त चाप
  • आघात
  • मधुमेह

प्रजन्न क्षमता पर असर

शरीर में हार्मोन का उत्पादन नींद के स्वभाव पर निर्भर करता है। टेस्टोस्टेरोन उत्पादन के लिए, आपको कम से कम तीन घंटे की गहरी नींद की आवश्यकता होती है, जो आपके पहले आरईएम प्रकरण के समय के बारे में है। रात भर जागने से हार्मोन उत्पादन प्रभावित हो सकता है। यह पुरुष या महिला प्रजनन हार्मोन उत्पादन को प्रभावित करता है, और बांझपन करता हैं।

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