अध्यात्म वास्तु

जानिये किस दिशा में सिर करके सोने से होता है नुक्सान

हम जिस भी दिशा में सर रखकर सोते है उसका एक अपना प्रभाव होता है क्योंकि वास्तु शाश्त्र और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण हमारे शरीर में सोने का प्रभाव होता है, इसका विज्ञान से भी बहुत गहरा रिश्ता है आपका दिल शरीर के तीन चोथाई ऊपर की और मौजूद होता है, क्योंकि रक्त को ऊपर की पहुचाना ज्यादा मुश्किल होता है जबकि ऊपर से नीचे आने में मुश्किल नहीं होती है, इसलिए हर दिशा की अपनी प्रकृति होती है जो की गुरुत्वाकर्षण के हिसाब से काम करती है, तो आइये जानते है किस दिशा में सोना होता है फायदेमंद और नुक्सान दायक…

उत्तर दिशा में होता है हानिकारक :

जब भी आपको रक्त से संभंधित कोई समस्या होती है जैसे एनीमिया या रक्ताल्पता तो हर कोई आपको आयरन या लोह तत्व चीज़ों का सेवन करने की सलाह देते है, यह आपके शरीर में बहुत ही अहम तत्व होता है और पृथ्वी में चुम्बकीये क्षेत्रों (मैगनेटिक फील्ड) होने के कारण सीधा प्रभाव आपके रक्त कोशिकाओं पर पड़ता है जिसकी वजह से आपको रक्त से संभंधित बिमारिओं का सामना करना पड़ता है, क्योंकि यदि आप 5-6 घंटे तक यदि उत्तर दिशा में सर रखकर सोते है तो चुम्बकीये खिचाव के कारण आपके सर पर दबाव पड़ता है और आप थके हुए महसूस करते है इसका मुख्य कारण दिमाग में रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं होना. इसलिए जहाँ तक संभव हो उत्तर दिशा में सिर रखकर कभी न सोयें.

सोने की क्या है सही दिशा और जागने के नियम.

पूर्व दिशा में सिर करके सोना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि सूर्य का उदय पूर्व दिशा से होता है और इस समय सूर्य की और से निकलने वाली सकारात्मक उर्जा आपके दिमाग को एक नई शक्ति प्रदान करता है जिसकी वजह से आप स्फूर्ति का अहसास होता है, पश्चिम दिशा होगी तो भी ठीक है, दक्षिण दिशा में भी सिर करके सोना कुछ हद तक मना किया गया है.

सोने के बाद कैसे उठे और क्या करें.

जब भी आप उठे तो अपनी दायी तरफ घूमें और फिर बिस्तर से बहार आयें, क्यूंकि नींद से उठते समय मतबोलिक प्रक्रिया बहुत धीमी होती है ऐसे मैं यदि आप अच्चानक उठेंगे तो दिल पर दबाव पड़ेगा और दिल का दौरा पड़ने की सम्भावना होती है.

सुबह बिस्तर छोड़ने से पहले दोनों हातों की हाथेलियो को मसलना चाहिए उसके बाद उसे अपनी आँखों पर लगाना चाहिए, हथेलिओं को मसलने से हाथों में स्थित सभी नाडिया सक्रिय हो जाती है और आप उर्जा से भरे महसूस करेंगे.

सुबह जब भी उठे मुस्कुराते हुए उठे क्योंकि कहते है हँसता हुआ जाता है तो हँसता हुआ आता है, हसने से आपके दिल को पूरी ओक्सीजन मिलती है जिसकी वजह से आपका दिल स्वस्थ रहता है और आपको कभी भी हृदय सम्बन्धी समस्याएँ नहीं होती है.

About the author

Bhakti Pravah

Add Comment

Click here to post a comment